- कॉलेज की आखिरी साल में जब placement का notice board पर नाम देखने की उम्मीद होती है, तब एक चीज़ सबसे पहले माँगती है कोई भी company — एक अच्छा resume. और यही वो जगह है जहाँ बहुत सारे होशियार students भी पीछे रह जाते हैं. Skills होती हैं, knowledge होता है, लेकिन resume इतना कमज़ोर होता है कि HR ने पहली नज़र में side में रख दिया और आगे बढ़ गए. सच यह है कि resume सिर्फ एक कागज़ नहीं होता — यह तुम्हारी पहली impression है. Interview से पहले, phone call से पहले, किसी भी बात से पहले — recruiter के हाथ में तुम्हारा resume जाता है. अगर वो impression नहीं बनता, तो बाकी सब बेकार है. और यह भी सच है कि एक सही format में, सही keywords के साथ बना हुआ resume तुम्हारी selection की chances 70 से 80 percent तक बढ़ा देता है. लेकिन problem यह आती है कि resume बनाना कोई simple काम नहीं लगता. पहले template ढूंढो, फिर design करो, फिर content सोचते रहो कि क्या लिखूँ क्या नहीं, फिर formatting ठीक करो, फिर PDF बनाओ — इस पूरे चक्कर में घंटे निकल जाते हैं और फिर भी result ऐसा नहीं होता जो professional लगे. ...